टीपू बने 'साइकिल' के सुल्तान


महीनो से चली आ रही परिवारिक उठापठक का चुनाव आयोग ने पटापेक्षा किया| सोमवार को चुनाव आयोग ने जनता के चहेते अखिलेश यादव को सपा की बागडोर सौप दी, और साथ ही सपा के मुखिया पद का भी फ़ैसला अखिलेश को सौप दिया है|


इसके साथ ही मुलायम युग का दुखद समापन हो गया| हालाँकि आयोग के फ़ैसले के बाद अखिलेश आशीर्वाद लेने 'नेता जी' के पास पहुचे और थोड़ी बहुत बातें की लेकिन कुछ ही देर बाद मुलायम सिंह की बेटे के खिलाफत का गुस्सा पार्टी के सम्मेलन मे फूटा उन्होने अखिलेश का मुसलमानो को हक़्क़ ना देना वाला नेता बताया| 

अखिलेश की अगुवाई मे सपा ने महागठबंधन के संकेत दिए है| ये देखना दिलचस्प होगा की अब मुलायम के साथ खड़े शिवपाल और अमर का क्या होगा?
Share on Google Plus

About Amit