ये नज़ारा किसी प्राइवेट संस्था नही बल्कि गाँव के एक सामाजिक संस्था का है | "पहल एक बदलाव"
संस्था का मिशन गाँव की शिक्षा स्तर को सुधारना है | इस मिशन की नीव इंजिनियर अमित पांडे और अनिकेत ने रखी और कुछ बड़े लोगों से एन.जी.ओ. शुरू करने की बात की फिर क्या था, अमित और अनिकेत ने बीड़ा उठाया नि:शुल्क पढ़ाने का| गुलाम शाबीर ने भी जुड़ने की इच्छा जताई और तीनो युवा ने अपना सफ़र शुरू किया |
प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से 5:30 बजे तक कक्षा 1 से 10 तक के 105 छात्र यहाँ पढ़ने आतें हैं |
वाकयी जहाँ 20-50 हज़ार की तनख़्वाह लेने वाले शिक्षक पढ़ाने से कन्नी काटते हैं वहीं ये 3 युवा पूरे भारत मे फ्री शिक्षा का लक्ष्य बताते हैं |
इनकी सोच को सलाम |
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