क्या था मामला?
हुआ यू की एक संप्रदाय की धार्मिक रैली मे दूसरे समुदाय के कुछ मनचलों ने ओछी हरकतें की
और उनके धर्म का अनादर किया इससे आहत दूसरे समुदाय ने संबन्धित थाना पर शिकायत की| पोलीस के आला अधिकारियों ने समझदारी का परिचय देते हुए मामला को ज़्यादा तूल ना देने की सलाह दी और दोनो समुदाय ने एक दूसरे से माफी माँग गाँव वापस आ गये|
लेकिन ये बात गाँव के कुछ राजनीतिक छवि वालों को रास नही आई और उन्होने इस मुद्दे का राजनीतिकरन करना शुरू कर दिया आख़िर उनकी पहुँच भी काम आनी चाहिए थी!
और कुछ दिनो बाद एक समुदाय की मीटिंग मे दूसरे समुदाय के खिलाफ जहर उगलने वाले प्रचारक को बुलाया और इसके साथ ही गाँव की शांति छिन गयी|
मौजूदा हालत ये है की दोनो समुदाय के प्रचारक अपनो को भड़काने मे लगे है और अन्य समुदाय के लोगों से बात ना करने की सलाह दे डाली है|
दोनो समुदाय अब आपस मे बात तक नही कर रहे है|
डर तो इस बात का है कही कोई अनहोनी ना हो जाए और फिर ये गाँव संप्रदायिक हिंसा की भेट चढ़ जाएँ !
आशा है प्रशासन जल्द ही इस मामले मे अपना पक्ष रखेगा|
